Short Essay on 'Rabindranath Tagore' in Hindi | 'Gurudev Rabindranath Tagore' par Nibandh (140 Words)


रबिन्द्रनाथ टैगोर

'रबिन्द्रनाथ टैगोर' का जन्म कलकत्ता के धनी परिवार में हुआ था। ये देवेन्द्रनाथ टैगोर के सबसे छोटे पुत्र थे। इनके परिवार के लोग सुशिक्षित और कला-प्रेमी थे।

इनकी शिक्षा अधिकाँश घर पर हुई थी। इनको वकालत पढने के लिए इंग्लैंड भेजा गया। वहाँ एक साल ठहरने के पश्चात वह भारत वापस आ गए। घर के शांतपूर्ण वातावरण में इन्होने बँगला भाषा में लिखने का कार्य आरम्भ कर दिया और शीघ्र ही प्रसिद्धि प्राप्त कर ली।

इन्होने अनेक कवितायें, लघु कहानियाँ, उपन्यास, नाटक और निबंध लिखे। उनकी रचनाएं सर्वप्रिय हो गयीं। साहित्य सेवा के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। उनकी अनेक रचनाओं का अनुवाद अंग्रेजी भाषा में किया जा चुका है।

टैगोर एक दार्शनिक, कलाकार और समाज-सुधारक भी थे। कलकत्ता के निकट इन्होने एक स्कूल स्थापित किया जो अब 'विश्व भारती' के नाम से प्रसिद्द है।
 

Short Essay on 'Raksha Bandhan' in Hindi | 'Raksha Bandhan' | 'Rakhi' par Nibandh (100 Words)


रक्षा बंधन

'रक्षा बंधन' हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है। इसे 'राखी' का त्यौहार भी कहते हैं। यह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह सम्पूर्ण भारतवर्ष में अत्यंत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। 

रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं बल्कि हमारी परंपराओं का प्रतीक है। हमारे देश में इसका बड़ा महत्त्व है। रक्षा बंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं एवं भाइयों के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित करती हैं। भाई इस अवसर पर अपनी बहन को उपहार देते हैं एवं बहन की रक्षा/ सुरक्षा का वचन देते हैं।

'Donate Blood, Save Life' in Hindi | 'Rakt Dan, Jivan Dan' par Nibandh (150 Words)

रक्त दान, जीवन दान

'रक्त दान करें, जीवन दान करें। प्रत्येक रक्तदान जीवन का उपहार है। रक्तदान कर किसी व्यक्ति को जीवन का उपहार दिया जा सकता है।

स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त ही सबसे सुरक्षित होता है। गर्भवती माताओं एवं अन्य गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों हीमोफीलिया/ थैलीसीमिया जैसे रोग से ग्रसित बच्चों को रक्तदान के माध्यम से नवजीवन दिया जा सकता है। जन-मानस में अभी भी रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां व्याप्त हैं जबकि विशेषज्ञों की राय में 18 वर्ष से 65 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो, तीन माह के अन्तराल पर रक्तदान कर सकता है।

विश्व रक्तदाता दिवस प्रत्येक वर्ष 14 जून को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है। वर्ष 2004 में स्थापित यह दिवस समाज में रक्तदान के बढ़ते महत्त्व के प्रति जागृति एवं सजगता पैदा करने के अभिप्राय से मनाया जाता है। विश्व रक्तदाता दिवस के दिन विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा अनेक आयोजन एवं गोष्ठिया आयोजित की जाती हैं तथा सरकारी सोसाइटी एवं सामाजिक संगठनों द्वारा नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को सम्मान दिया जाता है।